“दही” जहर भी औषधि भी!

जी हां, दही को जहर भी और औषधि भी माना जा सकता है। इसके सेवन के तरीकों को समझकर और सही मात्रा में उपयोग करके ही इसके फायदे को प्राप्त किया जा सकता है।
दही का स्वाद खट्टा होता है, प्राकृतिक रूप से गर्म और पाचन दृढ़ होता है। यह चर्बी को बढ़ावा देता है (वजन बढ़ाने में मदद कर सकता है), ऊर्जा को बढ़ावा देता है, कफ और पित्त को बढ़ावा देता है (वात को कम करता है), और पाचन शक्ति को सुधारता है। हालांकि, दही का सेवन करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।
वास्तव में, दही को गर्म नहीं किया जाता है, लेकिन कुछ डिशेज़ दही से बनती हैं जो कि गरम हो सकती हैं। अगर आप इन डिशों को गरम करते हैं, तो इससे आपकी सेहत को नुकसान हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार, दही को गरम करने से इसके पोषणीय गुणों में कमी आ सकती है।
- मोटापा, कफ विकार, रक्तस्राव विकार या सूजन से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित लोगों को दही के सेवन से बचना चाहिए। इसका सेवन करने से आपकी हालत और ज्यादा बिगड़ सकती है। रात के समय दही का सेवन कभी नहीं करना चाहिए। यह कफ की समस्या को बढ़ा सकता है।
- दही का सेवन रोजाना नहीं करना चाहिए। रोजाना सिर्फ छाछ का सेवन किया जा सकता है जिसमें सेंधा नमक, काली मिर्च, और जीरा जैसे मसाले मिलाकर लिया जा सकता है।